
जब किसी लड़की का सपना सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि देश की सेवा बन जाता है, तो उसकी मेहनत भी साधारण नहीं रहती। यही कहानी है Rajeshwari Suve M की, जिन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC Civil Services Examination में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल कर लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
दिलचस्प बात यह है कि वह पहले से ही डिप्टी कलेक्टर (ट्रेनिंग) के रूप में काम कर रही थीं, फिर भी उन्होंने अपने सपने को और बड़ा बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रखा। कई साल की मेहनत, असफल प्रयास और मजबूत इच्छाशक्ति के बाद आखिरकार उन्होंने यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की।
साधारण परिवार से निकलकर बनी देश की टॉप महिला उम्मीदवार
राजेश्वरी तमिलनाडु के मदुरै जिले के वडिपट्टी इलाके से आती हैं। उनके पिता एक छोटे व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। बचपन से ही परिवार ने उन्हें शिक्षा और अनुशासन का महत्व सिखाया।
उन्होंने इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और पढ़ाई के दौरान ही तय कर लिया कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है।
लेकिन यह सफर इतना आसान नहीं था।
5 बार परीक्षा दी, 7 साल तक की तैयारी
UPSC की तैयारी में अक्सर लोग 2–3 साल लगाते हैं, लेकिन राजेश्वरी ने लगातार 7 साल तक मेहनत की और कई बार परीक्षा देने के बाद यह मुकाम हासिल किया।
उन्होंने बताया कि उनकी सफलता का असली मंत्र था:
- अनुशासन
- लगातार प्रयास
- परिवार का सहयोग
उनके अनुसार, सफलता का सबसे बड़ा राज हार न मानना है।
पढ़ाई के साथ सरकारी नौकरी भी संभाली
राजेश्वरी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि वे पहले से डिप्टी कलेक्टर ट्रेनिंग में थीं। प्रशासनिक अनुभव ने उन्हें इंटरव्यू और उत्तर लिखने में काफी मदद की।
यही वजह है कि उनके जवाब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं थे, बल्कि उनमें ग्राउंड लेवल का अनुभव भी झलकता था।
IAS नहीं, बल्कि IPS बनने का सपना
UPSC में इतनी शानदार रैंक के बाद अधिकतर उम्मीदवार IAS चुनते हैं, लेकिन राजेश्वरी का सपना कुछ अलग है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना है, इसलिए वे IPS सेवा चुनना चाहती हैं।
यह फैसला दिखाता है कि उनके लिए पद से ज्यादा जुनून और मिशन मायने रखता है।
उनकी सफलता से क्या सीख सकती हैं महिलाएं
राजेश्वरी की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह हर लड़की के लिए एक संदेश है कि:
- सपने बड़े रखो
- असफलता से मत डरो
- लगातार मेहनत करते रहो
अगर लक्ष्य साफ हो तो किसी भी साधारण परिवार की लड़की भी देश की सबसे बड़ी परीक्षा में इतिहास लिख सकती है।
UPSC की तैयारी करने वालों के लिए उनका संदेश
राजेश्वरी के अनुसार:
- तैयारी में धैर्य सबसे जरूरी है
- रोज़ का अनुशासन बनाए रखें
- पढ़ाई के साथ समाज को समझना भी जरूरी है
क्योंकि सिविल सेवा सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि देश को समझने और बदलने की जिम्मेदारी है।







